आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा को देखकर क्यों हैरान हो गए ट्रंप
Updated on
05-07-2026 09:38 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में कुछ ईरानियों को रोते हुए देखकर हैरान हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस को बताया कि वो ईरान के पूर्व लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार देख रहे थे.
उन्होंने कहा कि वो समारोह में कुछ ईरानियों को रोते हुए देखकर हैरान थे, क्योंकि उन्हें लगा कि 'लोग अली ख़ामेनेई से नफ़रत' करते हैं.
एक्सियोस के मुताबिक़, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कुछ सोचने के बाद कहा, 'शायद ये आँसू असली नहीं हैं.'
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत के दौरान एक बार फिर दावा किया कि ईरानी "समझौते पर पहुँचने के लिए गिड़गिड़ा रहे थे."
दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर इस समय तेहरान में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं. कई देशों के प्रतिनिधि भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मौजूद हैं.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं. हजारों लोग रोते, नारे लगाते और शिया परंपरा के मुताबिक मातम मनाते हुए देखे गए.
28 फ़रवरी को अमेरिकी और इसराइली हमले में सर्वोच्च नेता के आवास पर हुए हमले में अली ख़ामेनेई के अलावा उनके परिवार के चार सदस्य भी मारे गए थे
इससे पहले तेहरान, क़ोम, नजफ़ और कर्बला में एक सप्ताह तक अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
ईरानी प्रशासन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच देश की एकजुटता और अपने रुख़ को दिखाने के उद्देश्य से इस बड़े अंतिम संस्कार का आयोजन किया है.
रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान की मोसल्ला मस्जिद में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई और उनके परिवारजनों की नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ाई गई.
नमाज़-ए-जनाज़ा के दौरान आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के तीन बेटे मीथम, मसूद और मुस्तफ़ा पहली क़तार में मौजूद रहे.
इस दौरान आयतुल्लाह ख़ामेनेई के बेटे और ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई जनाज़े की नमाज़ में शामिल नहीं हुए.
अली ख़ामेनेई को 9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक़ किया जाएगा.
ट्रंप ने यह भी कहा, "दोनों पक्षों ने अंतिम संस्कार ख़त्म होने तक बातचीत में एक हफ़्ते का ब्रेक लेने का फ़ैसला किया है."
डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत में आगे कहा, "इस बीच, कोई भी पक्ष दूसरे पर गोली नहीं चलाएगा."
उन्होंने कहा, "वे सब वहीं हैं. वन शॉट (और उन सबको ख़त्म करने के लिए काफ़ी है), लेकिन हम ऐसा नहीं करने वाले हैं, क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं होगा."
ट्रंप के बयान को साझा करते हुए आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने एक्स पर लिखा, "लोगों को मारा जा सकता है, विचारों को नहीं. आपने आयतुल्लाह ख़ामेनेई को मार दिया, लेकिन असल में आपने एक इत्र की शीशी तोड़ी है, जिसकी ख़ुशबू हर तरफ फ़ैल गई. आप इन बातों को नहीं समझ सकते, क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान."
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इसराइल अमेरिका का एक अच्छा पार्टनर और सहयोगी देश है, लेकिन दोस्तों के बीच मतभेद भी रह सकते हैं.फ़ॉक्स न्यूज़ को…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गई है. अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कोहराम मचा है। पाकिस्तान सरकार चुनाव करवाने की नौटंकी जरूर कर रही है, लेकिन हकीकत ये है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर के…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान पर अपने संभावित हमले को रोकने का एलान किया है.वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है इससे पहले उन्होंने सऊदी…
मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में पिछले एक हफ़्ते में हज़ारों प्रवासी पहुँचे हैं. यह बात उस क्षेत्र के एक नेता ने कही है.जुआन जीसस विवाज़ ने…