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जिस जहाज को अमेरिका ने कब्जाया, उसपर लदा है ये सामान! तभी ईरान ने मचाया है बवाल

Updated on 21-04-2026 02:21 PM
ईरानी झंडे वाला कंटेनर जहाज टूस्का (Touska) पर अमेरिकी कब्जे ने अमेरिका-ईरान के बीच भारी तनाव बढ़ा दिया है और दूसरे दौर की बातचीत पर भी ग्रहण लग गया है. रविवार को अमेरिकी बलों ने जहाज पर चढ़ाई कर कब्जा कर लिया था. अब खबर है कि जहाज शायद ऐसा सामान ले जा रहा था जिन्हें अमेरिका ‘ड्यूल-यूज’ यानी दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुएं मानता है. समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने सोमवार को कहा कि ऐसे सामान का इस्तेमाल सेना भी कर सकती है.
यह छोटा कंटेनर जहाज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स (IRISL) ग्रुप का हिस्सा है, जिस पर अमेरिका पहले से प्रतिबंध लगा चुका है. जहाज पर रविवार को ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास अमेरिकी मरीन सैनिकों ने कार्रवाई की. मरीन ट्रैफिक प्लेटफॉर्म के जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इसकी आखिरी लोकेशन 1308 GMT पर दर्ज की गई.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि जहाज को आगे बढ़ने से रोकने के लिए छह घंटे के भीतर कई बार चेतावनी दी गई लेकिन जहाज ने उन्हें अनसुना किया.
अमेरिका का कहना है कि जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन किया था इसलिए उस पर पहले गोलीबारी की गई फिर कब्जे में ले लिया गया.

ईरान जहाज पर लदे सामान को लेकर बढ़ा तनाव

इस बीच खबर है कि जहाज पर दोहरे इस्तेमाल की वस्तुएं लदी थीं. सूत्रों ने कहा कि शुरुआती आकलन के मुताबिक एशिया से यात्रा कर आए इस जहाज पर संभवतः ड्यूल-यूज सामान था. एक सूत्र ने कहा कि यह जहाज पहले भी ऐसे सामान ढो चुका है जिन्हें ड्यूल-यूज माना जाता है.
सूत्रों ने सामान का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन CENTCOM ने धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे सामानों को लिस्टेड किया है जिनका इस्तेमाल सैन्य और औद्योगिक दोनों उद्देश्यों के लिए हो सकता है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी बलों ने उसके तट के पास टूस्का नामक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हमला किया. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने इस घटना को गैरकानूनी और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.

ईरान ने जहाज, उसके नाविकों और उनके परिवारों की तत्काल रिहाई की मांग की. मंत्रालय ने कहा कि यह घटना इस महीने हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है और चेतावनी दी कि आगे किसी भी तनाव बढ़ने के लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा.

ईरानी सेना ने अमेरिका पर जहाज में 'डकैती' का आरोप लगाते हुए कहा कि जहाज चीन से आ रहा था तभी उस पर हमला कर दिया गया. सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने कहा कि वो अमेरिकी बलों का सामना करने को तैयार था, लेकिन जहाज पर चालक दल के परिवारों की मौजूदगी थी जिसे देखते हुए संयम बरता गया.

अमेरिका ने 2019 के आखिर में IRISL पर प्रतिबंध लगाए थे. अमेरिका का कहना था कि यह शिपिंग लाइन ईरान के खरीद एजेंटों की पसंदीदा शिपिंग लाइन' है जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए सामान पहुंचाती है.
जहाज पर किन देशों के नागरिक सवार हैं?

सूत्रों के मुताबिक, टूस्का पर एक ईरानी कप्तान और ईरानी चालक दल के सदस्य हैं, हालांकि यह साफ नहीं है कि पूरा दल ईरानी नागरिकों का ही है या नहीं. दो अन्य सूत्रों ने कहा कि IRISL के जहाज रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नियंत्रण में रहते हैं और इनमें आमतौर पर अधिकतर ईरानी नाविक होते हैं, जबकि कभी-कभी पाकिस्तानी नाविक भी रखे जाते हैं.

डेटा एनालिटिक्स कंपनी सिनमैक्स के सैटेलाइट एनालिसिस के मुताबिक, जहाज 25 मार्च को चीन के ताइचांग बंदरगाह पर देखा गया था और 29-30 मार्च को चीन के दक्षिणी गाओलान बंदरगाह पहुंचा.

जहाज ने गाओलान में कंटेनर लोड किए और फिर 11-12 अप्रैल को मलेशिया के पोर्ट क्लांग एंकरिज पर रुका, जहां उसने और कंटेनर लोड किए. रविवार को ओमान की खाड़ी पहुंचने तक जहाज कंटेनरों से भरा हुआ था.

चीन ने ईरानी जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर जताई चिंता

चीन ने ईरानी जहाज के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि ईरानी झंडे वाले जहाज को जबरन रोके जाने पर चीन चिंतित है. प्रवक्ता ने कहा कि चीन संबंधित पक्षों से जिम्मेदारी के साथ युद्धविराम समझौते का पालन करने की अपील करता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर कहा कि टूस्का पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध थे क्योंकि उसका 'गैरकानूनी गतिविधियों का इतिहास' रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी बल 'देख रहे हैं कि जहाज पर क्या है.'

अमेरिकी नौसेना ने गुरुवार को जारी एडवाइजरी में कहा था कि उसने ईरान पर अपनी समुद्री नाकेबंदी का दायरा बढ़ा दिया है. अब प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले कार्गो और ईरानी क्षेत्र तक पहुंचने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को 'जांच और तलाशी' के अधिकार के तहत रोका जा सकता है. प्रतिबंधित सामान में हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं.

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